Not known Facts About Aacharya Ji ka siddhant:

नौ दिनों तक मां दुर्गा के मंत्रों का जाप करें।

त्रिपुर सुंदरी : श्री ह्रीं क्लीं ऐं सौ: ॐ ह्रीं क्रीं कए इल ह्रीं सकल ह्रीं सौ: ऐं क्लीं ह्रीं श्रीं नम:।

नोट : उपरोक्त में से किसी एक मंत्र का ही प्रयोग करें।

तांत्रिक अनुष्ठान: इस समय में विशेष तांत्रिक अनुष्ठानों का महत्व होता है। यह अनुष्ठान केवल योग्य गुरु के मार्गदर्शन में करें।

लगा दें इसे, मिटेगा कष्ट-क्लेश, आएगी बरकत!

बगलामुखी : ॐ ह्लीं बगलामुखी सर्वदुष्टानां वाचं मुखं पदं स्तम्भय, जिव्हा कीलय, बुद्धिं विनाश्य ह्लीं ॐ स्वाहा:।

* पितृदोष और कालसर्प दोष जैसे दोषों को दूर करती हैं।

Gupt Navratri is very crucial for those who are deeply involved in the sector of tantra, yoga, mantra, and sadhana. This is the greatest time to accomplish success in Specific sadhana and also to acquire blessings in the Guru.

गुप्त नवरात्रि के अनुष्ठान व्यक्ति के जीवन से संकट, आर्थिक कठिनाइयों और मानसिक तनाव को दूर करने में सहायक होते हैं।

इसमें पहले कलश को गंगा जल से भरें, उसके मुख पर आम की पत्तियां लगाएं और उस पर नारियल रखें। 

साधक को मनोवांछित सिद्धियां और फल प्राप्त होते हैं।

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कलश को मिट्टी के पात्र के बीच में स्थापित करें।

गुप्त नवरात्रि का यह पावन समय get more info साधकों के लिए एक नई ऊर्जा और प्रेरणा लेकर आता है। इसका पालन श्रद्धा और नियम के साथ करने से जीवन में अद्भुत परिवर्तन संभव है।

ना करे रक्षा तो महाबली भैरव की दुहाई।।

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